आजमगढ़। मुबारकपुर कस्बा स्थित पोखरी संख्या 953 व 1219 को पाटे जाने के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राजस्व विभाग व नपा की टीम ने पुलिस फोर्स के साथ सोमवार को पुन: पैमाइश किया। इस दौरान पाटी जा चुकी पोखरी पर हुए अवैध निर्माण व अतिक्रमण को चिन्हित भी किया गया। जिसे लेकर कस्बे में हड़कंप मचा रहा। राजस्व विभाग व नपा की टीम पैमाइश के दौरान मौजूद रही। मुबारकपुर कस्बे में कई पोखरियां है, जिसमें कईयों पर अवैध कब्जा कर लोग निर्माण तक करा लिए है। सितंबर 2015 में तत्कालीन चेयरमैन द्वारा पोखरी संख्या 953 व 1219 को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। जिसे वर्तमान चेयरमैन ने मिट्टी डलवा कर पटवा दिया और इन पोखरियों का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया। मामला तूल पकड़ा को तत्कालीन ईओ ने जेसीबी लगवा कर पाटी गई मिट्टी को खोदवाने की कवायद भी शुरू किया, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद काम ठप हो गया। जिस पर कस्बा निवासी आमिर फहीम ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया। जिस पर हाईकोर्ट ने लगभग एक माह पूर्व एसडीएम सदर को उक्त दोनों पोखरियों में पाटी गई मिट्टी को निकलवा कर उनका अस्तित्व बहाल करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद भी तहसील प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। समय सीमा बीत जाने पर हाईकोर्ट ने एडीएम को कृत कार्रवाई के साथ 27 मई को तलब करने की नोटिस जारी कर दिया। जिस पर एसडीएम के निर्देश पर सोमवार को राजस्व विभाग व नपा की टीम पुलिस फोर्स के साथ दोनों पोखरियों पर पहुंची और नए सिरे से पैमाइश की गई। इस दौरान पोखरी पर हुए अवैध अतिक्रमण व कब्जे को चिन्हित भी किया गया। इस दौरान वादी मुकदमा आमिर फहीम, ईओ नगर पालिका प्रतिभा सिंह आदि मौजूद रहे।