कृषि की आय को दोगुना करने के लिए क्षेत्रफल एवं उत्पादन को बढ़ाना होगा व कृषकों की लागत को कम करना होगा। किसान बाढ़ की कटान को रोकने के बाद ही फसलों को लगाएं। उक्त बातें कृषि विभाग की ओर से मंगलवार को कृषि महाविद्यालय कोटवा के सभागार में आयोजित मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2023 में देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, केमिकल, फर्टिलाइजर एवं जैव खाद की उपलब्धता को बढ़ावा दिया जाए। उद्यान, बिजली, सिंचाई, नहरों की इसमें बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के पानी से कटान को रोकने के बाद फसलों को लगाने का प्रयास किया जाएगा। कहा कि स्थानीय स्तर पर कृषकों को खरीफ फसल को लेकर बीज की उपलब्धता, सिंचाई के पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसानों की समस्याओं का समय से निदान किया जाएगा। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा कि यदि किसी कारण से बिजली कटौती की जाती है तो किसानों को पहले से बता दिया जाए।आजमगढ़ के प्रभारी मंडलायुक्त व जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने कहा कि आजमगढ़ मंडल में खरीफ की फसल प्राथमिकता से होती है। कहा कि किसानों को नहरों के माध्यम से टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए कृषि विभाग एवं संबंधित विभाग जायद की फसलों को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं मत्स्य पालन में भी अपार संभावनाएं हैं। विभागों के अधिकारी पूरी क्षमता से कृषकों को ऋण उपलब्ध कराएं। पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को बाजार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी दुग्ध समितियों को भी पूरी क्षमता से संचालित करने का प्रयास किया जाए। संगोष्ठी में जिलाधिकारी बहराइच मोनिका रानी, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ श्रीप्रकाश गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी बलिया, मऊ, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, प्रगतिशील किसान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान भी उपस्थित रहे।