अहरौला के युधिष्ठिरपट्टी में तेल ना होने से बंद पड़ा पेट्रोल पंप। संवाद
आजमगढ़। ईरान-इस्राइल-अमेरिका जंग की तपिश ने पेट्रोलियम किल्लत को बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा पुरानी क्रेडिट जीरो कर फुल पेमेंट किए जाने के बाद भी डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं कर पा रही है। नतीजा है कि पंप संचालकों के लाखों रुपये डिपो में तो जमा हो जा रहे हैं पर ससमय आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका असर यह है कि जहां तेल खत्म हो जा रहा है, वहां पंप बंद हो रहे हैं, जहां सीमित तेल बच रहा है वहां आपूर्ति को भी सीमित कर दिया जा रहा है। पूर्ति विभाग का दावा है कि जिले में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक तीन दिनों का सुरक्षित है।
रविवार को भवरनाथ मार्ग स्थित फीलिंग स्टेशन पर रविवार को सादा पेट्रोल नहीं था। यहां 1500 से 2000 रुपये तक डीजल की आपूर्ति सीमित कर दी गई। सिधारी थाने के सामने स्थित पंप पर पिछले कई दिनों से शाम को पंप बंद हो जा रहा है। सिविल लाइन स्थित पंप पर एक तरफ पेट्रोल का नोजल बंद रहा।
अहरौला: रविवार की सुबह बस्तीभुजबल स्थित पंप पर पेट्रोल लेने पहुंचे प्रधान विजय यादव ने बताया कि पेट्रोल लेने आया था लेकिन यहां एक सप्ताह से डीजल-पेट्रोल दोनों नहीं है। इसी तरह पखनपुर स्थित पेट्रोल पंप पर रोज की तरह मशीन खराब होने का बोर्ड लगा था। मतलूबपुर स्थित पंप के संचालक यशवंत कुमार ने बताया कि डीजल खत्म हो गया है, पेट्रोल अभी दिया जा रहा है।
रेडहा स्थित पंप संचालक अमीर अहमद ने बताया कि बीते 5 दिनों से पेट्रोल-डीजल खत्म है। आज एक टैंकर से 10-10 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल पहुंचा है। कंपनी के पास हमारे क्रेडिट के अलावा अभी लगभग 7.85 लाख रुपया अतिरिक्त जमा हैं लेकिन कंपनी खुद तेल न भेजकर समस्या पैदा कर रही है।
पंप संचालक हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि क्रेडिट पर तेल उपलब्ध हो जाता था लेकिन अब एडवांस जमा करने पर भी तेल नहीं मिल रहा।
लाटघाट : क्षेत्र के एचपी पेट्रोल पंप कांखभार पर रविवार को पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता होने के चलते दो पहिया व चार पहिया वाहनों ने भीड़ लग गई। इसके साथ ही डीजल का स्टोरेज करने के लिए लोग बड़ी संख्या में गैलेन के साथ पहुंच गए।
लाटघाट के इंडेन पेट्रोल पंप पर रविवार को पंप बंद रहा। इसके साथ ही हाजीपुर, बघावर और रौनापार के पेट्रोल पंप पर भी पेट्रोल-डीजल की किल्लत के चलते पंप बंद रहे।