आजमगढ़। जिले में तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थायी हेलिपैड बनाया जाएगा। प्रति हेलिपैड के निर्माण पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च होंगे। स्थायी हेलिपैड बनने से वीवीआईपी के आगमन पर प्रशासन को जहां बार- बार अस्थायी हेलिपैड बनाने की झंझट खत्म होगी वहीं, इसमें आने वाले खर्च की भी बचत होगी।
जिले में कुल आठ तहसील और 22 ब्लॉक हैं। इनमें से कई स्थानों पर तहसील और ब्लॉक एक ही बाजार में हैं। अब तक किसी जनप्रतिनिधि या अन्य वीवीआईपी के आगमन पर हेलीकॉप्टर उतारने के लिए अस्थायी हेलिपैड का निर्माण कराना पड़ता था। वैसे अगर देखा जाए तो जिले में एक साल में लगभग आठ से 10 वीवीआईपी का आगमन होता है। इसके लिए अस्थायी हेलिपैड तैयार करने में करीब आठ लाख रुपये खर्च हो जाते थे। वीवीआईपी के कार्यक्रम समाप्त होते ही यह हेलिपैड अनुपयोगी हो जाता था और दोबारा इस्तेमाल में नहीं आ पाता था। इससे बड़े पैमाने पर सरकारी धन व्यर्थ चला जाता था। इसको ध्यान में रखते हुए शासन ने प्रत्येक ब्लॉक और तहसील मुख्यालय पर स्थायी हेलिपैड निर्माण का निर्णय लिया है। जिले के 14 ब्लॉक और आठ तहसीलों में स्थायी हेलिपैड बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक स्थान पर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन चिह्नित होने के बाद निर्माण संबंधित आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्थायी हेलिपैड से न केवल प्रशासनिक तैयारियां आसान होंगी, बल्कि आपात स्थिति में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। यही नहीं, अस्थायी हेलिपैड बनाने में आने वाले खर्च की भी बचत होगी। वीआईपी मूवमेंट को लेकर व्यवस्थाएं अधिक सुचारु और सुरक्षित बनेंगी।
हेलिपैड तक पहुंचने के लिए बनेगा एप्रोच मार्ग
प्रत्येक हेलिपैड के निर्माण में 50 गुने 50 मीटर जमीन ली जाएगी। इसके अलावा सड़क से हेलिपैड तक पहुंचने के लिए एप्रोच मार्ग भी बनाया जाएगा। प्रत्येक जगहों पर सड़क से हेलिपैड की दूरी अलग- अगल होगी। इसलिए इसका अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके बाद इस प्रस्ताव को तैयार कर शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
जिले में 14 ब्लाॅक और आठ तहसील मुख्यालयों पर स्थायी हेलिपैड बनेगा। सभी जगहों पर जमीन तलाशी जा रही है। हेलिपैड के लिए 50 गुने 50 मीटर जमीन की जरूरत है। सभी जगहों पर एप्रोच मार्ग भी बनेगा। स्थायी हेलिपैड बनने से वीवीआईपी के आगमन पर जहां बार- बार अस्थायी हेलिपैड बनाने का झंझट खत्म होगा वहीं, इसमें आने वाले खर्चेे की भी बचत होगी।- संकर्षण लाल, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।