प्रतिबंधित पेड़ काटने के मामले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी को गंभीरपुर पुलिस की हिरासत से रविवार की दोपहर दर्जनों की संख्या में थाने पहुंचे गांव के लोग फिल्मी स्टाइल में छुड़ा ले गए। लाठी-डंडे से लैस ग्रामीणों को देख थाने में मौजूद सिपाही सहम गए। विरोध करने पर सिपाहियों के साथ ग्रामीणों की धक्कामुक्की भी हुई। घटना की सूचना से महकमे में हड़कंप मच गया। एएसपी ग्रामीण सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल में जुट गए।
गंभीरपुर थाने के मगरावां गांव निवासी मुकिम पुत्र शमीम रविवार को अपने गांव में प्रतिबंधित पेड़ कटवा रहा था। इसकी शिकायत पुलिस को मिली तो थानाध्यक्ष अनिल प्रकाश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देख अन्य आरोपी तो फरार हो गए। लेकिन पुलिस ने मुकीम को दबोच लिया। उसे हिरासत में लेकर थाने में बैठा दिया गया। इसके बाद एसओ अन्य आरोपियों की तलाश में बाहर निकल गए।
थाने में पहरेदार के अलावा अन्य सिपाही मौजूद थे। शाम करीब छह बजे दर्जनों की संख्या में गांव के लोग पहुंचे। भारी संख्या में लोगों को देखकर सिपाही समह गए। इस दौरान लोगों के हाथ में लाठी-डंडा के अलावा असलहे भी मौजूद थे। भारी संख्या में थाने पहुंचे ग्रामीणों ने थाने में बैठाए गए आरोपी मुकीम को छुड़ा लिए।
साथ ही विरोध करनेवालों को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस हिरासत से आरोपी को लेकर जाने की सूचना से हलाकान एसओ भागकर थाने पहुंचे और घटनाक्रम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। बता दें कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र में लकड़ी तस्करों का जिले में इन दिनों आतंक चल रहा है। यह लोग धड़ल्ले से प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर उठा ले जा रहे हैं। लकड़ी तस्करों के भय के चलते ज्यादातर लोग इनके विरुद्ध आवाज तक नहीं उठाते। बता दें कि 2011 में लकड़ी तस्कर गंभीरपुर थाने पर तैनात सिपाही नित्यानंद सिंह की हत्या भी कर चुके हैं।