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दूसरी जगह स्थाई ठांव तलाश रहे लोग

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लाटघाट। उफनाई घाघरा नदी का जलस्तर में निरंतर कमी हो रही है। जलस्तर में कमी का सिलसिला शुरू हो गया, जो सोमवार की शाम तक जारी रहा। जलस्तर लाल निशान से नीचे चले जाने से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। जलस्तर में कमी से कुछ स्थानों पर कटान हो रही है। जिसके कारण लोग दूसरा स्थाई ठांव खोजने को विवश हैं।
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गांगेपुर में बन रहे ठोकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। बगहवा, परसिया, गांगेपुर में कटान हो रही है। तटवर्ती भूमि कट-कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। जलस्तर घटने के साथ कृषि योग्य भूमि कट कर नदी में समाहित हो रही है। सभी बाढ़ चौकियों पर नदी की पल-पल की निगरानी के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है। कटान का दंश झेल रहे ग्रामीण अब घाघरा की कटान को देखकर दूसरे जगह अपना ठिकाना बना रहे हैं। अस्थाई ठांव के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में हैं। विगत वर्ष 2020 में सजगू का पुरवा, देवारा खास राजा के 19 घर कट कर घाघरा में विलीन हो गए थे। जिसमें कुल 19 लोग अपने छोपड़ी और मकान को छोड़कर दूसरे स्थान पर चले गए। सजगू का पूरा के ही आठ लोग कटने के बाद 500 मीटर पर दोबारा बस गए हैं। आज फिर वहां से उजार बसार कर रहे हैं।
रामानंद यादव, सजगू, राजन, गुलाब, बेनी, भीम आदि लोग अपनी झोपड़ी, नाद, खूंटा, पशु लेकर आराजी अजगरा मसर्की में शरण ले रहे हैं। वहीं कुछ लोग बिसरा गोला गोरखपुर में शरण लिए हुए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए सभी बाढ़ चौकियों दाम महुला, गांगेपुर, हाजीपुर, जमुवारी, देवारा इस्माइलपुर, हैदराबाद ,कुड़ही, शिवपुर, सहदेवगंज, नौबरार देवारा जदीद किता फर्स्ट प्रभावी रुप से चल रहे। जहां संबंधित विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
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घाघरा का जलस्तर
स्थान शनिवार रविवार
डिघिया 69.47 69.25
बदरहुआ 70.10 69.88
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