महराजगंज थाने के मुड़िलपुर गांव के पास मोतीपुर के प्रधान सिंहासन यादव की हत्या के बाद थाना फूंके जाने के मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार की भोर में छापेमारी की।
अलसुबह गांव में पुलिस वाले आ धमके और हाथ आए लोगों को मारपीटकर घरों में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं पुलिस और पीएसी के जवानों ने राह चलते लोगों को भी लाठियों से पीटते हुए अपनी बर्बरता का निशाना बनाया।
एक साथ चार गांव में पुलिस का तांडव देख पुरुष फरार हो गए। जबकि घूंघट डाले महिलाएं पशुओं की देखभाल कर रही थी।
मालूम हो कि 29 अक्तूबर की शाम साढ़े पांच बजे मोतीपुर के प्रधान सिंहासन यादव की महराजगंज बाजार से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।
गुस्साए क्षेत्रीय लोगों ने थाने में किसी जिम्मेदार अधिकारी के न मिलने पर वहां तोड़फोड़ के साथ ही आगजनी की थी। मामले में पुलिस ने 10 नामजद और 600 अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी।
पंचायत चुनाव से खाली होने के बाद मंगलवार की भोर में एसओ महराजगंज के नेतृत्व में पुलिस और पीएसी के जवानों ने मिश्रपुर, मुड़िलपुर, मोतीपुर, प्रतापपुर गांव में छापेमारी की और सो रहे लोगों की बेरहमी से पिटाई करने लगे।
इतने से ही मन नहीं भरा तो उन्होंने गांव में गुजर रहे राहगीरों पर अपना गुस्सा उतारा। इससे पुरुष वर्ग भाग खड़ा हुआ। रिश्तेदारों के यहां शरण लिए लोगों का कहना है कि पुलिस ने पिटाई के अलावा घर में घुसकर तोड़फोड़ किया और अनाज नष्ट कर दिए।
मंगलवार की शाम तक गांव में सिपाया छाया हुआ था। घरों में मौजूद महिलाएं और युवतियां, बच्चे पशुओं का देखभाल कर रहे थे। एसओ महराजगंज शिशिर त्रिवेदी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की गई है। लेकिन उपद्रव आदि का आरोप गलत है।