आजमगढ़। जनपद में जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना न देने के एक मामले में राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी ने एडीओ अहरौला पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सभाजीत नाम के व्यक्ति द्वारा जन सूचना अधिकारी अहरौला से जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कुछ बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। लेकिन जन सूचना अधिकारी द्वारा समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर सभाजीत ने प्रथम अपीलीय अधिकारी जिलाधिकारी और आयोग से द्वितीय अपील की गई। आयोग की ओर से दोनों पक्षों को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस जारी की गई। 25 फरवरी 2015 को हुई सुनवाई में वादी उपस्थित हुए। प्रतिवादी के प्रतिनिधि के रूप में ग्राम विकास अधिकारी गजेंद्र सिंह उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि मांगी गई सूचनाएं सीएआर आडिट से संबंधित होने के कारण रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। इसके लिए उन्होंने समय मांगा। दो जुलाई 2015 को सभाजीत सुनवाई के लिए उपस्थित हुए लेकिन प्रतिवादी गायब रहे। नोटिस जारी करने पर कई सुनवाई की तिथियों के बाद 23 जनवरी 2020 को प्रतिवादी उपस्थित हुए उन्होंने बताया कि वांछित सूचना वादी को दे दी गई। उक्त मामले में उप्र राज्य सूचना आयोग द्वारा दो जुलाई 2015 को अर्थदंड आरोपित कर दिया गया था। सूचना देने में देरी पर पदस्थ जन सूचना अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी अहरौला के वेतन से 25000 रुपये की वसूली का निर्देश दिया। यह रकम तीन किश्तों में वसूल किए जाने का निर्देश रजिस्ट्रार उप्र राज्य सूचना आयोग को दिया।