जहांनागंज। व्यक्ति को आत्म संयम से ही मन को शांति और सुकून प्राप्त होता है। यह उसे केवल सत्संगों में ही मिल सकता है। सत्संग ही वह सशक्त माध्यम है जिससे मानव के जीवन का कल्याण होता है। उक्त बातें कथा वाचक दिवाकर पंडित गोविंद शास्त्री ने बरहतिर जगदीशपुर में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन कही।
उन्होंने कहा कि रामचरितमानस एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें त्याग, समर्पण, तपस्या, प्यार सहित तमाम सद्गुणों का समावेश है, जो समाज को संस्कारों व अच्छे आचार विचारों की सीख प्रदान करता है। गोविंद शास्त्री ने शिव की महिमा एवं उनके भोलेपन की कथा इस ढंग से प्रस्तुत किया कि श्रोता देर रात तक कथा का आनंद उठाते रहे। लोकगीत कलाकर अनुपम राय उर्फ गुड्डू व जयसिंह यादव ने अपने भजनों से से पूरे पंडाल को राममय कर दिया। इस अवसर पर विजय कुमार सिंह, सौरभ राय, बबलू राय, अनीश राय, आलोक राय, उमेश राय, जवाहिर राय, राम जन्म राय, डिंपल राय आदि मौजूद रहे।