बिलरियागंज में कानून व्यवस्था की जानकरी लेते एसपी ग्रामीण एनपी सिंह।
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आजमगढ़/गोरिया बाजार। सीएए व एनआरसी को लेकर बिलरियागंज कस्बे में हुए बवाल के बाद गुरुवार को शांति नजर आयी। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की दुकानें भी खुली और सड़क पर लोग भी दिखे। लेकिन युवा वर्ग कहीं नजर नहीं आ रहा था। प्रदर्शनकारियों के धरनास्थल अली जौहर पार्क के आसपास तो पुलिस किसी को भटकने नहीं दे रही थी।
बीते मंगलवार को एनआरसी व सीएए को लेकर मुस्लिम महिलाओं का हुजूम बिलरियागंज कस्बा स्थित मौलाना अली जौहर पार्क में जुटा था। महिलाएं एनआरसी, सीएए को वापस लिये जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के लाख समझाने के बाद भी महिलाओं ने मंगलवार को अपना प्रदर्शन समाप्त नहीं किया। डीएम-एसपी लगातार आंदोलित महिलाओं से वार्ता कर धरना समाप्त करने की अपील कर रहे थे। भोर में लगभग तीन से चार बजे के बीच महिलाओं के पीछे से युवाओं की भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंक दिया। जिसके बाद पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ ही लाठी चार्ज कर प्रदर्शन कारियों को धरना स्थल से भगा दिया और पार्क में पानी भरवा दिया। बुधवार को दिनभर कस्बे में गहमागहमी रही। पुलिस धर पकड़ की कार्रवाई में जुटी रही तो वहीं मुस्लिम बाहुल्य बाजारों की दुकानें पूरी तरह से बंद रही। सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। गुरुवार को कस्बे का माहौल काफी हद तक नियंत्रित व शांत नजर आया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही। सड़क पर सन्नाटा तो नहीं था लेकिन युवा वर्ग नजर नहीं आ रहा था। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एसपी ग्रामीण एनपी सिंह, एसडीएम सगड़ी व एसडीएम मेंहनगर भी लगातार कस्बे में चक्रमण कर शांति व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे।