सगड़ी तहसील के लुचुई स्थित अकटहवा कुटी पर चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ में मंगलवार को मंडप परिक्रमा के लिए ाद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने मंडप परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान आयोजित प्रवचन में काशी से पधारे आचार्य अच्युतानंद महाराज ने कहा कि जब तक व्यक्ति अपने अंदर के शत्रुओं को नहीं मारेगा तब तक बाहरी शत्रु नहीं मरने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में हनुमान जैसा भक्त बनना है तो कार्य उनकी तरह कार्य भी करना पड़ेगा। लेकिन श्रेय अपने को नहीं देना है। यह श्रेय तो प्रभु का है। तभी भक्ति रुपी सीता का पता चल सकता है। हमें अपने जो कार्य करने हैं वह समाज हित में और जनकल्याणार्थ होना चाहिए। तभी सुख संभव है। इस मौके पर अजय कुमार, सूरज यादव, योगेंद्र कुमार, घनश्याम सिंह पटेल, संत सिंह, संतोष कुमार, योगेंद्र आदि उपस्थित थे।
मालटारी संवाददाता के अनुसार तहसील क्षेत्र के गौरी नरायपुर स्थित शक्तिपीठ पर मां कालिका के मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ सोमवार को अंतिम दिन हवन, पून व मंत्रोचारण के बीच पूर्णाहुति के बाद समाप्त हुआ। इस दौरान देवी-देवताओं के लगाए जा रहे नारे से क्षेत्र गूंजयमान हो उठा।
यज्ञ की समाप्ति के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मथुरा वृंदावन से आए श्री गिरिराज रामलीला संस्थान द्वारा लक्ष्मण- परशुराम संवाद का मंचन किया गया। यज्ञाचार्य दिनेश पांडेय ने कहा कि यज्ञ के हवन कुंड का धुआ जहां-जहां जाता है वहां तका वातावरण शुद्ध हो जाता है। साथ ही सारे कष्टों से लोगों को छुटकारा मिल जाता है। इस मौके पर रमेश राय, सूर्यनाथ मौर्य, संतोष मौर्य, अरुण, अजय राय, सुधीर, सूरज, मनीष राय, श्रीनाथ राय, नितिन राय आदि उपस्थित रहे।