जिला अस्पताल में मरीज देखती डॉ. पूनम कुमारी। संवाद
आजमगढ़।
भीषण गर्मी और उमस के कारण त्वचा रोज के मरीजों की संख्या 60 फीसदी तक बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 50 से 55 लोग खुजली, घमौरी, फंगल इंफेक्शन, दाद और एलर्जी का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम कुमारी ने बताया कि लगातार पसीना आने से शरीर में नमी बनी रहती है। इससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चों और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। गर्मी के कारण त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन, खुजली और रैशेज आ जाते हैं। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है। उन्होंने शरीर को साफ और सूखा रखने की सलाह दी है।
त्वचा रोग से बचने के लिए क्या करें
सूती और हल्के कपड़े पहनें
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें
धूप में निकलते समय शरीर को ढककर रखें
त्वचा रोग से बचने के लिए ये न करें
गीले या पसीने वाले कपड़े लंबे समय तक न पहनें
खुजली या दाद होने पर खुद से दवा न लें
तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत सामान साझा न करें
तेज धूप में लंबे समय तक बिना सुरक्षा के न रहें