आजमगढ़। नगर के नरौली पुल से लेकर लोटस हॉस्पिटल तक बंधे पर नगरपालिका द्वारा पाथवे का निर्माण कराया गया था। ताकि लोग सुबह के समय इस पर टहल सकें। लेकिन आज यह पाथवे जहां अतिक्रमण का शिकार हो गया है। वहीं दूसरी ओर से नगरपालिका द्वारा इसका रख-रखाव न करने के कारण इसके किनारे लगे पेड़ और जंगली पौधे झांड़-झंखाड़ बन गए हैं। जिसके कारण कोई इस पर आता जाता नहीं है।
नगर क्षेत्र में चाहे नगर पालिका हो या फिर एडीए या पीडब्ल्यूडी यह विभाग अपनी ही जमीन को अवैध कब्जे से बचाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। जिसका परिणाम है कि लोग रास्तों को बैरिकेडिंग कर पार्किंग बना रहे हैं, तो कोई अपनी जमीन पर कब्जा कर इनकी जमीन को अपने उपयोग में ले रहा है। जिसका खामियाजा लोगों को आवागमन में भुगतना पड़ रहा है। नगर क्षेत्र में कई ऐसी जगहें हैं, जहां लोगों ने पीडब्ल्यूडी, नगरपालिका और बाढ़ खंड की जमीनों पर कब्जा जमा लिया है। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार मौन साधे बैठे तमाशा देख रहे हैं।
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केस एक
लोहे का पिलर बना लगाई सिकड़
फोटो संख्या
आजमगढ़। नगर के नरौली पुल से लोटस हॉस्पिटल तक नगर पालिका द्वारा बंधे पर लगभग 16 लाख रुपये की लागत से पाथवे का निर्माण कराया गया है। पाथवे का इसलिए निर्माण किया गया था कि लोग सुबह के समय इस पर टहल सकें। लेकिन वर्तमान में कोई इस मार्ग पर जाना तक गंवारा नहीं करता है। क्योंकि इस मार्ग पर लगे पौधे झाड़ियों का रूप ले चुके हैं। वहीं लोटस हॉस्पिटल के पास जहां यह पाथवे मुख्य मार्ग से जुड़ता है, वहां पर किसी ने लोहे के पोल और जंजीर लगाकर गाड़ियों की पार्किंग बना रखी है।
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केस दो
अपनी जमीन में बनाया माल, सड़क तक की घेराबंदी
फोटो संख्या
आजमगढ़। नगर के रैदोपुर क्षेत्र में हाल ही में एक नया शापिंग माल खुला है। माल संचालक द्वारा अपनी जमीन में शापिंग माल का निर्माण करा लिया गया है। गाड़ियों के पार्किंग की अंदर ही व्यवस्था भी कर दी। इसके बाद उसके द्वारा पीडब्ल्यूडी की सड़क तक सटाकर बांस को जमीन में गाड़कर घेराबंदी कर ली गई है। जहां हमेशा दो गार्ड तैनात रहते हैं। उनके द्वारा किसी को गाड़ी भी वहां नहीं खड़ी करने दी जाती है।
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खुद की जमीन पर बनाया भवन, बाढ़ खंड की जमीन पर लगाया जनरेटर
फोटो संख्या
आजमगढ़। नगर क्षेत्र के पुराने बंधे के दूसरे छोर पर कोतवाली के सामने कई आलीशान बिल्डिंग खड़ी हो गईं हैं। इन बिल्डिंगों को बनाने वालों ने अपनी जमीन में भवन तो बना लिया लेकिन उसके बाद बची बाढ़ खंड की जमीनों पर भी कब्जा कर लिया है। उनके द्वारा इस जमीन पर जनरेटर आदि रखकर इसको अपने कब्जे में ले लिया गया है। सबकुछ जानते हुए भी विभाग मौन साधे बैठा है।
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हम लोगों के अधिकार क्षेत्र में जो भी जमीनें आती हैं। उनकी देखभाल के लिए कर्मचारी तैनात हैं। अगर कोई कब्जा करता है तो उसे नोटिस जारी किया जाता हे। अगर इसके बाद भी कोई नहीं मानता है तो मामले को रेवेन्यू कोर्ट में ले जाता है। वहां से जो आदेश होता है उस पर कार्रवाई की जाती है। एक बार फिर मैं इसे दिखवाता हूं। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।
दलीप कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़खंड।
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हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन हम इसे दिखवा लेते हैं। अगर ऐसा है तो गलत है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी और अगर उसने ऐसा किया है तो उसे हटवाया जाएगा।
हरिश्चंद्र राय, एई पीडब्ल्यूडी।