आजमगढ़। मऊ से चलकर लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन का आजमगढ़ स्टेशन पर गेट नहीं खुला और ट्रेन चली गई। ट्रेन में न बैठ पाने से नाराज यात्रियों ने हंगामा किया। यात्रियों ने स्टेशन मास्टर का घेराव किया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, जीआरपी व आरपीएफ कर्मी पहुंचे। उन्होंने यात्रियों को समझाया। इसके करीब दो घंटे बाद मामला शांत हुआ।
महाकुंभ के पलट प्रवाह का असर अभी भी जिले में है। इसकी बानगी शनिवार की रात को देखने को मिली। मऊ जिले से सप्ताह में एक दिन चलने वाली मऊ लोकमान्य तिलक शनिवार की रात 10.15 बजे रवाना हुई। रात 11.15 बजे आजमगढ़ पहुंची। जैसे ही ट्रेन आजमगढ़ पहुंची तो यात्री ट्रेन में बैठने का प्रयास किए, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। यात्री इधर-उधर दौड़ते नजर आए। किसी भी कोच का दरवाजा न खुलने से यात्री स्टेशन पर ही रह गए और ट्रेन चली गई। इससे नाराज यात्रियों ने स्टेशन पर हंगामा किया। सूचना मिलते ही आरपीएफ व जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम भीड़ को शांत कराने में जुटी रही। उधर, सूचना मिलते ही मंडल वाणिज्य निरीक्षक मिथिलेश भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने यात्रियों को करीब आधा घंटा बाद मामला शांत हो सका। इसके बाद यात्री अपने घर के लिए निकल गए।
यात्रियों से भरवाया जा रहा टीडीआर
मंडल वाणिज्य निरीक्षक मिथिलेश ने बताया कि प्रयागराज कुंभ में भारी भीड़ के कारण यात्रियों ने ट्रेन का गेट नहीं खोला। इससे यात्रियों की ट्रेन छूट गई। उन्होंने बताया कि 25 से 30 जनरल टिकट वापस लिए गए हैं। साथ ही यात्रियों से टीडीआर (टिकट जमा रसीद) भरवाई गई है। ताकि यात्रियों के टिकट के पैसे को रिफंड कराया जा सके। बताया कि दो लोगों का टीडीआर भरवाया गया है। बाकी यात्री अपने गंतव्य को लौट गए।