बेहतर यात्री सुविधाओं का दावा करने वाले आजमगढ़ बस स्टैंड पर यात्रियों को पीने के लिए पानी तक मयस्सर नहीं है। जो टोटियां लगी हैं वह भी गर्म पानी उगल रही हैं। ऐसे में यात्रियों को 20 रुपये खर्च कर बोतलबंद पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर आजमगढ़ बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो। यहां से प्रतिदिन करीब दस हजार यात्री सफर करते हैं। विभाग को राजस्व की भी प्राप्ति अच्छी होती है। बावजूद यात्रियों को बेहतर सुविधा देने में विभाग के दावे फेल हैं। गर्मी का मौसम आ गया है लेकिन यात्रियों की प्यास बुझाने में विभाग सफल नहीं हो पा रहा है। यहां पानी पीने के लिए रोडवेज के पश्चिम दिशा में सप्लाई का पानी आता है। इसके लिए टोटी भी लगाई गई है। वहीं पूर्वी तरफ सीढ़ी के नीचे ऐसे स्थान पर आरओ लगाया गया है कि लोगों की नजर उस तरफ पड़ती ही नहीं है।
ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।रोडवेज यात्रियों को एक रुपये में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की पहल फ्लाप हो गई। पिछले कई महीनों से बंद पड़ी वाटर एटीएम मशीनें अब शोपीस बन कर रह गई हैं। जबकि लाखों रुपये खर्च करके इन्हें लगाया गया था ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन विभाग इसकी सुध तक नहीं ले रहा है। एआरएम अवधेश कुमार पाल ने बताया कि पानी की व्यवस्था की गई है। हालांकि वाटर कूलर सीढ़ी के नीचे होने के कारण लोगों की नजर नहीं पड़ रही है। इसके लिए संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। ताकि यात्रियों को पानी के लिए टकना न पड़े।