आजमगढ़। आजमगढ़ विकास प्राधिकारण का गठन हुए 12 साल का समय बीत गया। वो आशियाना बनाने वालों का नक्शे पास करता है, लेकिन इस विभाग के पास अभी तक अपना भवन नहीं है। पहले यह सिधारी पर एक दूसरे विभाग के भवन में संचालित हो रहा था। अब कलेक्ट्रेट के पास एक भवन संचालित हो रहा है। एडीए सचिव बैजनाथ ने डीएम से इसके लिए एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
वर्ष 2008 में जनपद में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण का गठन हुआ। प्राधिकरण के गठन को 12 साल बीत गए, लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है कि विभाग अपने लिए एक ऑफिस तक नहीं बना सका। कभी सिधारी पर तो कभी कलेक्ट्रेट भवन में उसका आफिस चलता रहा। ऐसे में जब हाल ही में डीएम राजेश कुमार एडीए कार्यालय का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे तो एडीए सचिव बैजनाथ ने उनके समक्ष एडीए कार्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने डीएम को बताया कि यहां पर पार्किंग आदि की व्यवस्था नहीं है। इससे यहां आने वाले लोगों को वाहन आदि खड़ा करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनकी बातों को सुनने के बाद डीएम ने एडीए सचिव से कहा कि वह प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराएं फिर जमीन की तलाश की जाएगी। उनके इस निर्देश पर एडीए सचिव बैजनाथ ही की ओर से प्रशासन को पत्र भेजकर जमीन की मांग की गई है।
एडीए कार्यालय कोई भीड़भाड़ वाला कार्यालय नहीं है। यह कहीं भी चलाया जा सकता है। एडीए सचिव को प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया गया है। जैसे ही उनका प्रस्ताव मिल जाएगा जमीन की तलाश की जाएगी। जमीन मिलते ही उसे एडीए को आफिस बनाने के लिए दिया जाएगा। - राजेश कुमार, डीएम।