बेट के घर से निकालने पर बेहाल परिजन।
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मां-बाप को किराएदार बताकर घर से निकाला
दर-दर की ठोंकरे खाने को मजबूर हैं वृद्ध माता-पिता
कोर्ट का फैसला आने तक घर में रखने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। जिस बेटे के पैदा होने पर पिता ने ढोल नगाड़े बजवाकर बिरादरी को भोजभात दिया था उसी बेटे ने मां-बाप का सहारा बनने की बजाय उन्हें पीटकर घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं लोगों के पूछने पर उन्हें किराएदार बता दिया। इकलौते बेटे ने इसके लिए बकाएदे कोर्ट में मुकदमा भी दाखिल किया है। गुरुवार को यह मामला संज्ञान में आने पर सीओ सदर मो. अकमल खां ने कोर्ट का फैसला आने तक वृद्ध माता-पिता को घर में ही रखने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें प्रताड़ित करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
वृद्ध सिद्धू चौहान और उसकी पत्नी समरजिया देवी ने गुरुवार को सीओ सदर के आफिस में पहुंचकर शिकायत की। दंपती का आरोप है कि बुढ़ापे में इकलौते बेटे ने भोजन देना तो दूर उन्हें अपने ही घर में रहने भी नहीं दे रहा है। मारपीटकर दोनों को घर से निकाल दिया। घर से बेघर हुए दंपती बेहाल हैं। अपने ही घर में सिर छिपाने की उन्हें जगह नहीं मिल रही। बेटे ने धमकी दी है कि यदि दोबारा घर लौटकर आ गए तो मारकर हाथ, पैर तोड़ दूंगा। पीड़ित की शिकायत पर सीओ ने जहानागंज थाने की पुलिस से जांच कराई तो पता चला कि सिद्धू का इकलौता बेटा साधन संपन्न है। बावजूद इसके वह अपने मां-बाप को घर में नहीं रहने दे रहा। इन दोनों को किराएदार बताते हुए घर से बाहर कर दिया। इस संबंध में बेटे की तरफ से कोर्ट में मुकदमा भी दाखिल किया गया है। सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि सिद्धू के बेटे को चेतावनी दी गई है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता। तुम्हारे मां-बाप इसी घर में रहेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।