अहरौला। शिक्षा विभाग द्वारा कम संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को आसपास के अन्य स्कूलों में समायोजित करने के आदेश के विरोध में शुक्रवार को कल्होरा प्राथमिक विद्यालय में अभिभावक और छात्राएं खुलकर सामने आ गए। दोपहर के बाद विद्यालय परिसर में कई अभिभावक इकट्ठा हुए और स्कूल बंद किए जाने के निर्णय का विरोध किया।
प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 45 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल बंद होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। मौके पर बिंद्रावती, राधिका, भानुमती, सुदामी, संगीता, किरण गुप्ता सहित कई अभिभावक पहुंचे और कहा कि सरकार जहां शराब के ठेके धड़ल्ले से खोल रही है, वहीं गरीबों के बच्चों के विद्यालयों को बंद कर रही है।
कक्षा 5 की छात्रा मानसी और पलक गुप्ता ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में हम बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहती है तो ऐसे फैसले वापस ले। छात्राओं ने बताया कि दूसरे स्कूल की दूरी 2 से 3 किलोमीटर है, जिससे आवागमन में खतरे की आशंका बनी रहती है।
अभिभावकों और छात्राओं ने मिलकर एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और सूबे के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजते हुए स्कूल बंद न करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि स्कूल बंद हुए, तो गरीब और दूर-दराज के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाएगी। स्थानीय लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता दिख रहा है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव करने को मजबूर होंगे।