आजमगढ़। सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए शहर से गांव तक के शिवालयों में आस्थावानों की भीड़ उमड़ेगी। मंदिरों में देर रात तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा। इस बार दो माह के सावन में कुल आठ सोमवार पड़ रहे हैं। इससे शिवभक्तों में खासा उत्साह है। भोले बाबा के चरणों में शीश झुकाने के लिए कांवरियों के जत्थे निकल पड़े हैं। शहर के कांवारिये प्रसिद्ध भंवरनाथ मंदिर में मत्था टेकने के बाद ही अन्य जगहों को रवाना होंगे। जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों में शहर के पुरानी कोतवाली स्थित शिवमंदिर, एलवल स्थित भोला घाट, सीताराम का गौरीशंकर घाट, अठवरिया मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित बौरहवा बाबा मंदिर, काली चौरा स्थित शिव मंदिर, भंवरनाथ में भक्तों की भीड़ जुटेगी। यहां सजावट के साथ सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में दीदारगंज क्षेत्र के चितारामहमूद गांव स्थित शिवमंदिर, फूलपुर क्षेत्र में महामंडलेश्वर मंदिर, रुद्रावतार दुर्वाषा धाम, जीयनपुर कस्बे में प्राचीन शिवमंदिर, रेतवां गांव में पातालपुरी रटेश्वरनाथ शिवमंदिर, लालगंज के घमिरिया मंदिर, बिलरियागंज कस्बे में स्थित शिवमंदिर, मेहनाजपुर में मुक्तिधाम, महराजगंज क्षेत्र में भैरोनाथ मंदिर के दर्शन का विशेष महत्व है। इन मंदिरों सावनभर भक्तों का तांता लगा रहता है। रविवार को देर रात रंगा-रोगन कर शिवालयों को दुल्हन की तरह सजाने का कार्य चलता रहा।