सगड़ी। तहसील क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के चलते फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह पर जलभराव के कारण फसल डूबकर बर्बाद हो गई तो कहीं धान की फसल हवा से गिरकर खराब हो रही है। उसमें अंकुर उगने लगे हैं। मनिकाडीह, हरैया, रामगढ़, अंजान शहीद, बांसगांव, पूनापार बड़ागांव, गड़ेरीपट्टी सहित पूरे क्षेत्र में किसानों ने अगेती माधुरी धान के फसल की रोपाई की थी। जिन किसानों के धान में बलिया निकल आई थी, धान की बालियां पकने की कगार पर थी। लेकिन तेज हवा और बारिश के चलते फसल गिर गई, और धान की फसल गिरने से बालियां अंकुरित होकर पौधे में तब्दील हो गई है। जिससे धान की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। जिससे किसानों की मेहनत और लागत पर पानी फिर गया है। अब किसानों को कुछ नहीं सूझ रहा है कि अब हम करें तो क्या करें, बड़े अरमानों के साथ धान की फसल लगाई थी सोचा था कि धान की फसल तैयार हो जाएगी तो हम लोग धान बेंचकर खाद बीज का कर्ज चुकाएंगे और अपने परिवार का खर्चा चलाएंगे लेकिन सारे अरमानों पर पानी फिर गया। ऐसे में हम लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र के रामदरस, मुकेश राय, रामनिवास, नीरज, अखिलेश, संजय आदि लोगों ने सरकार का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की है।