आजमगढ़। निर्माण के बाद से बेलइसा ओवरब्रिज की कभी मरम्मत नहीं हुई। पिछले वित्तीय वर्ष में इसकी मरम्मत के लिए शासन से धन आवंटित किया गया था। लेकिन रूट डायवर्जन की अनुमति न मिलने के कारण मरम्मत का कार्य नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद शासन से आया धन वापस हो गया। जनपद से होकर वाराणसी और जौनपुर जाने के लिए लोगों केे बेलइसा ओवरब्रिज से होकर गुजरना पड़ता है। बीच में रेलवे लाइन पड़ती है। यहां पर जाम को देखते हुए वर्ष 2014 में ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया। लेकिन तब से कभी भी मरम्मत न होने के कारण यह काफी जर्जर हो गया है।
ओवरब्रिज की जर्जर हालत को देखते हुए वर्ष 2021 में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड पांच के अधिशासी अभियंता विजय सिंह ने इसकी मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा। शासन ने मरम्मत के लिए 39 लाख रुपये धन भी आवंटित कर दिया, लेकिन रूट डायवर्जन की अनुमति न मिलने के कारण यह कार्य नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग को पैसा वापस करना पड़ा।
रूट डायवर्जन की इजाजत न मिलने का मुख्य कारण फोरलेन का चालू न होना और विधानसभा चुनाव रहा। इसी बीच शासन ने पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड पांच के सारे कार्यों को निर्माण खंड दो के अधीन सौंप दिया। अब निर्माण खंड दो द्वारा एक बार फिर मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन के पास भेजा जा रहा है। बजट आने के बाद रूट डायवर्जन की इजाजत लेकर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।