निजामाबाद। अनुदेशक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अमरजीत यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय निजामाबाद में अनुदेशकों की बैठक हुई। जिसमें 15 दिनों के अंदर अनुदेशक शिक्षकों के बढ़े मानदेय का आदेश जारी न होने पर धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन की चेतावनी दी गई। अमरजीत यादव ने बताया कि सरकार हम लोगों के साथ जो व्यवहार कर रही है वह पूर्ण रूप से गलत है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण सिद्धार्थनगर के शिक्षा निदेशक बृजभान अरुण हैं जिन्होंने आर्थिक स्थिति से तंग होकर आत्महत्या कर लिया। अनुदेशक शिक्षकों को अल्प मानदेय मात्र 7000 रुपये मिलता है जिसमें एक परिवार का भरण पोषण संभव नहीं है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा 2017 में ही अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय 17000 तथा शिक्षामित्र शिक्षकों का मानदेय 10000 करने का आदेश जारी किया था। जिसमें शिक्षामित्र शिक्षकों का बढ़ा मानदेय तत्काल मिलने लगा लेकिन अनुदेशक शिक्षकों का बढ़ा मानदेय आज तक नहीं मिला। बल्कि 1470 रुपया प्रदेश सरकार द्वारा काट लिया गया। जिसके कारण प्रदेश के 38000 अनुदेशक शिक्षक भूखमरी का दंश झेल रहे हैं। यदि 15 दिन के अंदर अनुदेशक शिक्षकों के बढ़े हुए मानदेय का आदेश जारी नहीं होता है तो समस्त अनुदेशक शिक्षक धरना प्रदर्शन एवं आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। अनुदेशक शिक्षकों ने मृतक अनुदेशक शिक्षक की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर श्रद्धांजलि देकर संगठन द्वारा यथासंभव सहयोग की अपील की। इस मौके पर उपाध्यक्ष मिथिलेश यादव, रामजतन, ओमप्रकाश सिंह, अरविंद सिंह, सुनील गौड़, सोनू, सौरभ, कविता सिंह, रीता वर्मा, सपना जायसवाल आदि उपस्थित थे।