आजमगढ़। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 और ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भी बिजली कर्मचारियों ने हाइडिल में मुख्य अभियंता वितरक कार्यालय के समक्ष किया गया। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की गई। निजीकरण किये का विरोध किया गया।
कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश यादव ने कहा कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव सरकार की ओर से वापस नहीं लिया जाता तब तक लड़ाई जारी रहेगी। जूनियर इंजीनियर संगठन निखिल शेखर ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ हमारा संघर्ष हर दिन मजबूत होता जा रहा है। यह निजीकरण देश के किसानों, बुनकरों सहित आम जनता के लिए दुखद साबित होगा। जिला सचिव चंद्रजीत यादव ने कहा कि प्राइवेट कंपनियां 12 से 15 रूपया प्रति यूनिट बिजली बेचेंगी। इससे आम जनता के लिए बिजली का उपयोग करना संभव नहीं होगा। अध्यक्षता राज नरायण सिंह ने की। संचालन विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक प्रभु नारायण प्रेमी ने किया। संदीप प्रजापति, वीरेंद्र सिंह, जयशंकर वर्मा, चंदन यादव, सुरेंद्र यादव, पंकज प्रजापति, राम उजागीर पाल, आकाशदीप यादव, धर्मू प्रसाद यादव, काशीनाथ, छेदी लाल आदि रहे।