आजमगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को विलय करने के आदेश का पंचानन राय फैंस एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि यह आदेश शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।
डॉ. राय ने बयान जारी कर कहा कि सरकार का प्रथम दायित्व है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा मिले। प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आते हैं, जिनके लिए महंगी निजी शिक्षा एक विकल्प नहीं है। ऐसे में विद्यालयों का मर्ज होना इन बच्चों के भविष्य को संकट में डाल देगा।
एसोसिएशन ने चिंता जताई कि विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि इससे लाखों युवाओं को मिलने वाली रोजगार की संभावनाएं भी खत्म हो जाएंगी।
प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति बनाई
अमिलो। प्राथमिक विद्यालयों का विलय करने के विरोध में शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई सठियांव के शिक्षकों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इसके पूर्व ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बैठक कर 27 जून को जिला बेसिक कार्यालय पर होने वाले प्रदर्शन की सफलता पर चर्चा की। शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में धरने में पहुंचने का आह्वान किया।
छात्र संख्या कम होने पर विद्यालय को बंद करना व अन्य विद्यालयों में विलय करने को जनविरोधी व मनमाना बताया। संगठन अध्यक्ष प्रमोद लाल श्रीवास्तव ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का मौलिक अधिकार है। विद्यालय को बंद करने से बच्चे अपने मौलिक अधिकार से वंचित हो जाएंगे। आज बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए और स्कूल संसाधन सुविधा से लैस करने की आवश्यकता है। ऐसे में बच्चों के मौलिक अधिकार की रक्षा करना शिक्षकों का कर्तव्य है। अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक बृजबिहारी सिंह व संचालन प्रमोद कुमार दुबे ने किया। इस मौके पर सेराज अनवर, मुकेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, अनिल राय, शिवशंकर सिंह, वंदना सिंह, सरिता, श्वेता श्रीवास्तव आदि शिक्षक मौजूद थे।