आजमगढ़। किसी भी उत्सव को और यादगार बनाने के लिए पटाखे चलाए जाते हैं। लोगों की यह जरूरत मुनाफाखोरों ने कमाने का जरिया बनाकर पटाखों की अवैध रूप से डंपिंग का काम तेज कर दिया है। प्रशासन ने जिले में सिर्फ सात दुकानदारों के पास पटाखा बेचने के लिए परमानेंट लाइसेंस जारी किया है। लेकिन जिले के हर बाजार में पटाखे बेचे जाते हैं। जिससे कभी भी हादसे हो सकते हैं।
वहीं, दीपावली आने पर जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक तहसीलों में पटाखा की दुकानें लगाई जाती हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से दुकानदारों को 72 घंटे के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किया जाता है। साथ ही एक सुरक्षित स्थान चिह्नित किया जाता है, जहां पटाखा की सभी दुकानें एक साथ लग सके। साथ ही उन स्थानों पर अग्निशमन विभाग की ओर से जगह-जगह आग्निशमन की गाड़ियां लगाई जाती है।
दो मंजिला मकान में हुआ था विस्फोट, सात की हुई थी मौत
पटाखा विस्फोट से हुई जिले में बड़ी घटनाओं पर गौर करें तो मार्च 2019 में मुकेरीगंज में दो मंजिला मकान श्मशान में तब्दील हो गया था। पटाखा विस्फोट होने के बाद भीषण आग लगी थी। दो मंजिला मकान धराशायी हो गया था। मकान में रहने वाले कुल 17 लोग झुलस गए थे। इनमें से सात लोगाें की मौत हो गई थी।
पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में पूरा परिवार समाप्त
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र के खानकाह गांव में मीरा देवी के मकान में उसके बेटों की ओर से अवैध तरीके से घर में पटाखा बनाया जाता था। सरायमीर थाने की पुलिस सहित अन्य जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी थी लेकिन कोई बंद कराने की जहमत नहीं किया। नतीजा 16 अप्रैल 2018 की दोपहर मीरा के मकान में पटाखों का विस्फोट हो गया। इस दौरान झुलसी मीरा (60) और उसके बेटे राजन (28) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा बेटा चंदन उसकी पत्नी सुधा गंभीर रूप से झुलस गई थी। जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
अनाधिकृत रूप से पटाखा रखने में दो पर दर्ज हुई थी एफआईआर :
शहर के मुकेरीगंज में जिस मकान में विस्फोट के बाद आग लगी उसमें टेंट की दुकान थी। दुकान में विजय गुप्ता उर्फ खिलाड़ी और सतिराम अवैध रूप से पटाखा स्टोर किया गया था। डीएम के निर्देश पर पटाखा भंडारण करने पर खिलाड़ी और सतिराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
क्या है विभाग का मानक
- जिसके नाम लाइसेंस वही पटाखे का काम करेगा
- बगैर प्रशिक्षण के किसी से न बनवाया जाए
- पटाखों की दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी रहेगी
- हाइटेंशन लाइन के नीचे दुकान नहीं लगेगी
- टिन शेड में दुकान लगानी होगी, टेंट में कतई नहीं
- आग बुझाने के उपकरण व बालू,पानी रखना होगा
जिले में सात दुकानदारों के पास परमानेंट पटाखे का लाइसेंस है। दीपावली पर तहसीलवार अस्थायी रूप से दुकानें लगाई जाती हैं। उनको सिर्फ 72 घंटे का लाइसेंस जारी किया जाता है। सीएम के निर्देश पर तहसीलवार टीम गठित की गई है। बाजारों में अवैध रूप से संचालित दुकानों की जांच की जा रही है। अवैध दुकानें या भंडारण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - राहुल विश्वकर्मा, एडीएम प्रशासन आजमगढ़।