आजमगढ़। सीवर लाइन बिछाकर जल निगम ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन घरों से निकलने वाली नालियों को सीवर लाइन से जाेड़ने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
फरवरी माह में आठ दिन शेष बचे हैं। 6153 नालियों में से 4100 नालियों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम पूरा हो सका है। विभाग अब मार्च में काम पूरा करने की बात कह रहा है।
शहर तीन तरफ से तमसा नदी से घिरा है। शहर से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर तमसा नदी में गिराने के लिए वर्ष 2022 में पठखौली गांव में 42.21 करोड़ की लागत से आठ एमएलडी की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण की स्वीकृति मिली।
इसमें एसटीपी के निर्माण के साथ ही 21 किमी सीवर लाइन बिछाकर शहर की 6153 नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा जाना है। जनवरी 2022 में कार्यदायी संस्था जल निगम ने एसटीपी बनाने और सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया।
पौने तीन साल में पठखौली में एसटीपी और शहर के विभिन्न जगहों पर सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ। इसके बाद जल निगम ने एसटीपी का ट्रायल रन कर एसटीपी को सक्रिय कर दिया। अब विभिन्न जगहों पर चैंबर बनाकर 6153 नालियों को सीवर लाइन से जोड़ना है ताकि सीवेज शोधित कर तमसा में छोड़ा जाए।
इस काम को इसी फरवरी माह में पूरा किया जाना था लेकिन पूरा नहीं हो पाया। अब तक 4100 नालियों को चैंबर बनाकर सीवर लाइन से जोड़ा जा सका है। वहीं, एसटीपी से प्रतिदिन चार एमएलडी पानी शोधित होने की जल निगम दावा है।
बची 2053 नालियों को मार्च माह में सीवर लाइन से जोड़ने की बात ही जा रही है। सीवर लाइन से नालियों के जोड़े जाने का काम पूरा न होने से शहर का गंदा पानी तमसा नदी में ही गिर रहा है।