आजमगढ़। मंडल आजमगढ़ के ग्रामीण रूटों पर बस संचालन का संकट गहराता जा रहा है। निजी बस मालिक इन रूटों पर बसें चलाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति आजमगढ़ डिपो की है। यहां सिर्फ चार बस मालिकों ने आवेदन किए हैं। जबकि मऊ में सबसे अधिक 29 और बलिया में 10 आवेदन पड़े हैं। बाकी के चार डिपो में शून्य आवेदन पड़े हैं।
आरएम मनोज कुमार वाजपेयी ने बताया कि जिला मुख्यालय से ग्राम पंचायतों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शासन ने परिवहन निगम से निजी बसों को शुल्क जमा कर संचालित करने की रूपरेखा तय की।
इसके लिए सीएनजी या इलेक्ट्रिक संचालित बसें परिवहन निगम से अनुबंधित कर संचालित करने का प्रावधान करते हुए 28 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किया। परिवहन विभाग ने आजमगढ़ डिपो से संचालित डा. अंबेडकर डिपो, बलिया डिपो, बेल्थरा डिपो, दोहरीघाट, मऊ, आजमगढ़ व शाहगंज डिपो से आवेदन मांगे थे।
तय तिथि तक आजमगढ़ डिपो को महज चार आवेदन मिला। मऊ डिपो को 29 और बलिया डिपो को 10 आवेदन आए।