आजमगढ़। गेहूं की खरीद 15 जून को बंद हो जाएगी लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष एक चौथाई भी गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। आजमगढ़ मंडल में सरकारी एजेंसियों ने 2.68 लाख एमटी के सापेक्ष महज 44046.74 मीटरिक टन ही गेहूं की खरीद कर सकीं। तीनों जनपदों में मऊ जनपद की खरीद कुछ ठीक रही। यहां पर लक्ष्य के सापेक्ष 30 प्रतिशत से अधिक गेहूं खरीदा गया।
मंडल में खाद्य विभाग, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम, मंडी समिति के 216 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन से लक्ष्य मिलने के बाद इन सरकारी एजेंसियों को खरीद का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया लेकिन कोई भी एजेंसी लक्ष्य के सापेक्ष खरीद नहीं कर पाई।
इधर कई दिनों से खरीद शून्य है। 15 जून के बाद खरीद भी बंद हो जाएगी। साढ़े तीन महीने होने को हैं लेकिन आजमगढ़ मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। शुरुआती दौर में जहां खरीद धीमी रही तो वहीं सरकारी रेट से अधिक बाजार भाव ने खरीद पर प्रभाव डाला।
आजमगढ़ मंडल में 2.68 लाख एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 44046.74 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका। मंडल में खरीद का प्रतिशत 16.44 है। अब किसी केंद्र पर खरीद भी नहीं हो रही कि खरीद का प्रतिशत बढ़ सके। वहीं मऊ में 46700 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 14075.98 एमटी गेहूं खरीदा गया है। यहां के खरीद का प्रतिशत 30.14 है। वहीं, आजमगढ़ जनपद में 94700 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था लेकिन यहां 15766.74 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका। आजमगढ में लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 16.65 फीसदी ही गेहूं खरीदा गया है। सबसे खराब स्थिति बलिया की है। यहां 126600 एमटी के सापेक्ष महज 14205 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका। बलिया का खरीद प्रतिशत 11.22 है। 15 जून के बाद खरीद बंद हो जाएगी। वैसे भी इधर कई दिनों से खरीद शून्य चल रही है।
समर्थन मूल्य 2275 से अधिक बाजार भाव होने के कारण इसका असर खरीद पर पड़ा। आजमगढ़ मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष 16 प्रतिशत से अधिक गेहूं खरीदा गया है। अब किसानों के पास गेहूं नहीं है लेकिन 15 जून तक क्रय केंद्र खुले रहेंगे। खरीदे गए गेहूं एफसीआई में भेजा जा रहा है। - राममूर्ति पांडेय, संभागीय खाद्य नियंत्रक आजमगढ संभाग।