जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को डीएम से मुलाकात की। अध्यक्ष पद्माकर लाल वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने आन लाइन पेमेंट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाई।
नगर अध्यक्ष संत प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध जीएसटी (गुड सर्विस टैक्स) का प्रस्तावित प्रारुप देश के पांच करोड़ व्यापारियों के हित में नहीं है।
इस लिए व्यापार प्रतिनिधिमंडल तीन प्रकार की लागू की गई जीएसटी को हटाकर सिंगल जीएसटी लगाए जाने की मांग करता है। कहा कि 20 प्रतिशत से अधिक लगे जीएसटी को कम किए जाने की जरूरत है।
व्यापारियों जीएसटी में आन लाइन पेमेंट की अनिर्वायता खत्म कर चेक या नकद की अनुमति देने की मांग उठाई।
इसी तरह जीएसटी में आठ रिटर्न को प्रति माह भरने के लिए एक से 20 तरीख की तिथि की अनिर्वायता को बढ़ाए जाने, इंकम टैक्स की भांति रिफंड करदाता के खाते में स्वत: भेजे जाने की वकालत की।
जीएसटी में पैन आधारित पंजीयन आनलाइन के अलावा मैनुअल भी किए जाने, जीएसटी में रिवाइज रिटर्न की सुविधा देने और एक करोड़ तक के व्यापार पर सीए रिपोर्ट नहीं लिए जाने की मांगे उठाई।
प्रतिंनिधिमंडल में प्रांतीय उपाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, जिला महामंत्री श्रीकांत मौर्या, जिला उपाध्यक्ष परवेज अहमद, मनोज बरनवाल, सुआल प्रसाद गोंड, परितोष रुंगटा, राहुल गोयल, ख्वाजा शोएब अहमद, राजकुमार गुप्ता आदि रहे।