बरदह बाजार में लगी सब्जी की दुकान। संवाद
आजमगढ़। लगभग एक माह के भीतर जहां प्याज के दाम दोगुने हो गए हैं। वहीं, लहसुन सहित अन्य हरी सब्जियों के दाम में 10 से 20 रुपये तक उछाल आया है। ऐसे में लोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है।
व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए लहसुन-प्याज प्रमुख रूप से उपयोग किए जाते हैं। एक माह के भीतर 30 रुपये बिकने वाला प्याज 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक सप्ताह में लहसुन भी 200 से अब 220 रुपये किलोग्राम बिक रहा है। इसी प्रकार हरी सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है।
बारिश में मध्यम व मजदूर वर्ग की कमाई वैसे ही प्रभावित रहती है, ऐसे में महंगाई ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मंडी समिति के व्यापारी अर्जुन सोनकर ने बताया कि बाहर से आने वाले माल का दाम बढ़ा है, ऐसे में फुटकर मूल्य में वृद्धि देखी जा रही है। बारिश का भी असर है। मंडी में हरी सब्जियों का आवक कम हुआ है। लोकल सब्जियां भी बहुत कम आ रही हैं। फुटकर सब्जी बिक्रेता सोनू मौर्य ने बताया कि हम लोग मंडी से ही परवल, सरपुतिया, सुरन, टमाटर, गोभी, बैगन आदि ऊंचे दामों पर उठा रहे हैं। इसलिए फुटकर में दाम और बढ़ जा रहा है। अभी आगे भी इनके दाम नीचे आने की कोई संभावना नहीं लग रही है।