वाराणसी-आजमगढ़ राजमार्ग पर चेकपोस्ट के पास डिवाइडर पर सूखे पौधे। संवाद
रानी की सराय। आजमगढ़-वाराणसी राजमार्ग पर सौंदर्यीकरण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से डिवाइडर पर लगाए गए पौधे इन दिनों उपेक्षा का शिकार हो चले हैं। प्रचंड गर्मी में नियमित सिंचाई और देखरेख के अभाव में अधिकांश पौधे सूख गए हैं, जो बचे हैं वह सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे सरकारी प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं।
वाराणसी-आजमगढ़ राजमार्ग पर बेलइसा से चेकपोस्ट तक करीब पांच किलोमीटर के दायरे में करीब ढाई हजार फूल और खूबसूरत पौधे लगाए गए थे। इसमें रानी की सराय ब्लाक से लेकर काशीदास मंदिर तक क्षेत्र पंचायत की ओर से पौधरोपण किया गया था। क्षेत्र पंचायत ने तो इस प्रचंड गर्मी में अपने पौधों को नियमित सिंचाई से बचा लिया पर करीब 4.5 किमी के दायरे में एक हजार पौधे सूख गए। राजमार्ग के डिवाइडर पर बचे करीब 500 पौधे सूखने की कगार पर हैं। तेज गर्मी और भीषण धूप के बीच पौधों को पानी नहीं मिलने से उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। आधे से अधिक पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि कई मुरझाए हुए नजर आ रहे हैं। अजय कुमार, राकेश कुमार, संदीप गिरी, राहुल गौतम ने कहा कि यदि समय-समय पर पौधों की सिंचाई और रखरखाव किया गया होता, तो यह हरियाली सड़क की खूबसूरती बढ़ाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होती।
वाराणसी-आजमगढ़ राजमार्ग पर लगाए गए पौधों के सूखने की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। ठेकेदार को सुबह-शाम नियमित सिंचाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पौधे सूख गए हैं, वहां लगवाए जाएंगे। अब अगर पौधों की सिंचाई में लापरवाही उजागर हुई तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पीयूष अग्रवाल, पीडी एनएचएआई।