आजमगढ़। शहर में ई-रिक्शा के संचालन ने लोगों का आवागमन आसान बनाया है, लेकिन यातायात व्यवस्था की दुश्वारियां भी बढ़ा दी हैं। ई-रिक्शा चलाने वाले यातायात नियमों का अमूमन पालन नहीं करते। शहरमें लगभग एक हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं लेकिन स्टैंड न होने से कहीं भी वाहन खड़े करके चालक सवारी बैठाने लगते हैं। शहर में लगने वाले जाम के लिए 50 प्रतिशत इन्हें जिम्मेदार माना जा रहा है।
शहर में बड़ादेव, सिधारी, नगर पालिका, रोडवेज, ब्रह्मस्थान व हर्रा की चुंगी सहित अन्य क्षेत्रों में जाने वाली सड़क पर जाम की समस्या रहती है। यहां कहीं भी ई-रिक्शा व ऑटो रिक्शा के लिए स्टैंड नहीं है। इससे लोगों को वाहनों को सड़क की पटरियों पर ही खड़े करना पड़ता है। वाहन बेतरतीब खड़े होने से सड़क संकरी हो रही है। ऐसे में वाहन या फिर पैदल आने जाने में लोगों को परेशानी होती है। आम तौर पर दोपहर और शाम के वक्त लोगों को इस समस्या से अधिक दो चार होना पड़ता है। ऑटो रिक्शा और ई रिक्शा चालक मनमाने तरीके से तिराहों, चौराहों पर सवारियां बैठाने और उतारने लगते हैं। इस कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
नगर पालिका को कहा गया है कि शहर के प्रमुख चौराहोंं के आसपास भूमि चिह्नित कर स्टैंड निर्धारित किया जाए। ताकि लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल सके। - विवेक त्रिपाठी, एसपी ट्रैफिक आजमगढ़।