बलरामपुर/सगड़ी (आजमगढ़)। कपड़े में च्विंगम चिपकने के विवाद को लेकर रविवार की रात जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नत्थूपुर गांव में दो पक्षों में चाकूबाजी हो गई। जिसमें तीन लोग घायल हुए। तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया जा रहा था कि रास्ते में ही एक ने दम तोड़ दिया। वहीं दो अन्य को जिला अस्पताल से हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया।
घायल पक्ष की तरफ से चार के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। वहीं जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने घटना के 24 घंटे के अंदर ही नामजद तीन आरोपियों अहमद, शहवाज व रहमत को केशवपुर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया है।
नत्थूपुर गांव निवासी अब्दुल कलाम (46) की गांव में ही किराना की दुकान है। रविवार की रात वह अपनी दुकान के पास थे। वहीं गांव के ही अराफात (18) और अबुजर (17) पुत्रगण मो. याहिया भी मौजूद थे। इसी दौरान चार की संख्या में लोग आए, जिनसे किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी।
तभी चारों हमलावरों ने लाठी-डंडा के साथ ही अब्दुल कलाम, अबुजर व अराफात पर चाकू से हमला कर दिया। मारपीट व चाकूबाजी में तीनों गंभीर घायल हो गए तो हमलावर मौके से फरार हो गए।
जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच में अब्दुल कलाम को मृत घोषित कर दिया। वहीं अराफात व अबुजर की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया। मृतक तीन पुत्र व दो पुत्रियों के पिता थे। मृतक के भाई कयामुद्दीन ने घटना के बाबत चार के खिलाफ सोमवार की सुबह जीयनपुर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके साथ ही नामजद एक बाल अपचारी को भी पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में लिया है। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, लाठी-डंडा आदि बरामद कर लिया है।
मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। - चिराग जैन, एएसपी ग्रामीण, आजमगढ़।
तीन दिन से थी तनातनी, पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
सगड़ी। ग्रामीणों के अनुसार तीन दिन पूर्व हमलावर पक्ष के अहमद के कपड़े में च्विंगम चिपक गया था। इस मामूली बात को लेकर ही अहमद व उसके साथी दुकानदार अब्दुल कलाम से रंजिश रखे हुए थे। गांव में बीते तीन दिनों से इस मामूली बात को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार दोनों पक्षों में कहासुनी व देख लेने की बात भी सामने आयी, लेकिन जीयनपुर कोतवाली पुलिस गांव में उत्पन्न हुए इस तनाव की तरफ ध्यान ही नहीं दिया। जिसका परिणाम रहा कि रविवार की रात हमलावर पक्ष ने लाठी-डंड व चाकू से हमला बोल दिया। जिसमें दुकानदार अब्दुल कलाम की मौत हो गई तो वहीं अबूजर व अराफात अभी जीवन मौत से संघर्ष कर रहे है।