रानी की सराय थाने की पुलिस ने मंगलवार की रात गंभीरपुर थाने के बिंद्राबाजार निवासी एक व्यक्ति के घर छापेमारी कर करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की चरस के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए दो लोगों को बुधवार को छोड़ दिया गया। पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए घरवालों ने बुधवार की सुबह बाजार में आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। एसपी के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। एसपी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
थानाध्यक्ष रानी की सराय एसएन सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पतिराम पुत्र खुद्दी का मकान बिंद्राबाजार में मेहनगर मार्ग पर है। उसके घरवाले रुई धुनकर रजाई, गद्दा, तकिया आदि भरने का काम करते हैं। मंगलवार की रात करीब दो बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पतिराम के घर छापेमारी की गई। पतिराम अपने घर में रुई के ढेर में करीब तीन किलो चरस छिपाकर रखा था।
इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब तीन करोड़ रुपये है। पुलिस पतिराम के बड़े भाई लछीराम और पड़ोसी रामभवन पुत्र दिलराम को हिरासत में लेकर थाने आई। बुधवार की सुबह पतिराम के घरवालों ने बाजारवासियों के साथ जाम लगा दिया। सुबह साढे़ सात बजे से लगा जाम करीब डेढ़ घंटे बाद बसपा नेता डा. कृष्णमुरारी विश्वकर्मा ने एसपी आकाश कुलहरि से बातचीत कर समाप्त करवा दिया।
पतिराम के घरवालों ने एसपी को बताया कि मंगलवार की शाम एक व्यक्ति दो किलो रुई और रजाई की खोल देकर बुधवार को रजाई ले जाने की बात कहकर गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। इससे पता चलता है कि उसेे फंसाने के लिए साजिश रची गई थी। एसपी ने जांच करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। दूसरी तरफ, थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि सबूत के अभाव में लछीराम और रामभवन को छोड़ दिया गया।
नहीं दिखा सके वाहनों के कागजात ः थानाध्यक्ष रानी की सराय एसएन सिंह ने बताया कि पतिराम के घर पर जिस वक्त रात में छापेमारी की गई तो उसके दरवाजे से दो बाइक बरामद हुई। इसमें पतिराम के पास एक बाइक के कागजात नहीं थे। दूसरी बाइक के कागजात भी आधे-अधूरे थे। पुलिस बगैर कागजात वाली बाइक के असली मालिक के विषय में पूछताछ कर रही है।