एक दशक से जर्जर व हर इंच पर गड्ढों में तब्दील अहरौला-कप्तानगंज 21 किमी मार्ग को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए शासन और प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की।
सड़क को गड्ढा मुक्त व चलने लायक बनाने के लिए कई साल से लोग संघर्ष कर रहे हैं। छठें चरण के चुनाव से पहले कई गांव के लोगों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाकर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके पहले भी सैकड़ों बार आंदोलन, भूख हड़ताल हो चुकी है लेकिन सड़क का हाल जस का तस बना हुआ है। आचार संहिता लगने से पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा अहरौला कप्तानगंज मार्ग के लिए टेंडर जारी किया गया। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका और फिर अब जैसे ही हल्की बरसात हुई फिर सड़क पर चलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। विधायक डॉ. संग्राम यादव के नेतृत्व में जनपद के सभी विधायक नेता अहरौला कप्तानगंज मार्ग को लेकर विरोध-प्रदर्शन और मार्च भी निकाल चुके हैं। विधायक डॉ. संग्राम यादव ने विधानसभा में सवाल उठाया था। निवर्तमान सांसद संगीता आजाद के द्वारा नितिन गडकरी से मिलकर मार्ग का मुद्दा उठाया था। इसके बाद भी सड़क नहीं बनी। कप्तानगंज अहरौला मार्ग के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग 56.52 करोड़ का बजट 2023 में भेजने की बात कही जा रही है। इस मौके पर लक्ष्मी चौबे, रामशबद निषाद, अवधेश निषाद, सुनील चौबे, प्रमोद आदि उपस्थित थे।