सिधारी के करनपुर गांव निवासी करनी सेना के पूर्वांचल अध्यक्ष देवेंद्र सिंह परिहार अपनी 85 वर्षीय मां सावित्री देवी को इलाज के लिए बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे थे। सुबह के समय उनकी मां एक दुर्घटना में घायल हो गई थीं, उनके हाथ में चोट लगी थी। देवेंद्र ने बताया कि वह मां को लेकर जिला अस्पताल के कमरा नंबर 26 में डॉ. विनोद को दिखाने पहुंचे। जहां चिकित्सक ने मरीज को ठीक से देखे बिना ही प्लास्टर कराने के लिए भेज दिया।
इस पर उन्होंने डॉक्टर से कहा कि पहले एक्स-रे कराकर जांच कर ली जाए, उसके बाद ही प्लास्टर कराएं। आरोप है कि इतना सुनते ही डॉक्टर भड़क गए और उन्हें वहां से भगा देने की बात कहने लगे। जब उन्होंने कहा कि आप इमरजेंसी के डॉक्टर हैं तो मरीज को क्यों भगा रहे हैं, तभी डॉक्टर ने थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी भी आ गए और उन्होंने भी मारपीट शुरू कर दी। देवेंद्र सिंह ने कहा कि 85 वर्षीय मां से भी दुर्व्यवहार किया गया और उनका हाथ मोड़ दिया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। अस्पताल आने वाला हर मरीज सरकार के लिए भगवान के समान हैं। उसे बेहतर व सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक को मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अभी मैं लखनऊ में मीटिंग में हूं। मुझे जानकारी हुई है, मैंने एसआईसी को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद उसे शासन को भेज दिया जाएगा, जो भी दोषी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - डाॅ. विजय कुमार सिंह, एडी हेल्थ।
जानकारी होने के बाद मैंने अस्पताल का निरीक्षण किया और लोगों से जानकारी ली है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।