आरोप है कि उसने पासपोर्ट बनवाते समय मलेशिया का पता दर्शाया और वहीं की नागरिकता हासिल कर ली। इतना ही नहीं, उसने प्रवासी भारतीय नागरिकता (OCI) कार्ड भी प्राप्त कर लिया, जबकि नियमानुसार ओसीआई कार्ड धारक भारत में मतदान के अधिकार से वंचित होते हैं।
इसके बावजूद आरोपी का नाम ग्राम सुराई की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया और वह विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान उसने मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए फार्म-07 भी भरा था।
मामले को गंभीर मानते हुए थाना अध्यक्ष निजामाबाद के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी हिमेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।