आजमगढ़ । हर्रा की चुंगी पर स्थित आईटीआई के मैदान में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बने ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर जल्द ही सेंसर लगा दिया जाएगा। सेंसर लगाने का काम शुरू हो गया है। अब ट्रैक पर लगे सेंसर ही ड्राइविंग टेस्ट देने आए आवेदकों को फेल और पास करेंगे। विभाग ने ट्रैक पर सेंसर लगाने के लिए मारुति इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी है।
ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बने ट्रैक पर सेंसर लगाने के बाद ड्राइविंग टेस्ट ऑटोमेटिक हो जाएगा। आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट के दौरान हिल, रोड साइड पार्किंग, आठ बनाना, एस बनाना, एच बनाना एवं रिवर्स आदि के लिए सेंसर युक्त टेस्ट देना होगा।
सभी टेस्ट सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के बाद ही आवेदकों का ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) जारी किया जाएगा। टेस्ट देने के दौरान चूक होने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी फेल होता है तो वह सात दिन बाद फार्म भरकर दोबारा टेस्ट दे सकता है। इसमें केवल आवेदक द्वारा ऑनलाइन टेस्ट की फीस जमा करनी पड़ेगी।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन एके राजपूत ने बताया कि हर आवेदक का टेस्ट ऑटोमेशन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड होगा।
इससे पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो पाएगी। आवेदक को पास या फेल होने की लाइव जानकारी मिलेगी।