आजमगढ़। भाजपा की ओर से गांधी संकल्प यात्रा का समापन गुरुवार को किया जा रहा है। इसी के साथ जिलाध्यक्ष पद के लिए भी रस्साकशी भी तेज हो गई है। मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधि का चुनाव पूरा हो चुका है। कहा जा रहा है कि पांच नंवबर को हाईकमान की ओर से इनकी सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। पहले 13 नवंबर को जिलाध्यक्ष के चुनाव की तिथि निर्धारित थी। हालांकि इसके कुछ दिन बढ़ने के भी आसार जताए जा रहे हैं। इस बार दोनों लोकसभा सीट के लिए अलग-अलग जिलाक्ष्यक्ष का चुनाव होना है। विभिन्न खेमों में दावेदारी भी शुरू कर दी गई है। कार्यकर्ताओं के अंदर भी नये जिलाध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हैं।
भाजपा की ओर से सूबे में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत पहले सदस्यता अभियान चलाया गया। फिर बूथ अध्यक्षों का चुनाव किया गया। इस बार मंडल क्षेत्र का भी परिसीमन किया गया। 100 से 110 बूथों पर एक मंडल का गठन किया गया। जनपद में कुल 44 मंडलों का गठन हुआ। इसमें आजमगढ़ व लालगंज लोकसभा क्षेत्र में 22-22 मंडलों का गठन हुआ। हर मंडल से मंडलाध्यक्ष के साथ ही जिला प्रतिनिधि का चुनाव पूरा हो चुका है। इनकी सूची हाईकमान को प्रेषित की जा चुकी है। इन जिला प्रतिनिधियों की ओर से जिलाध्यक्ष पद का चुनाव किया जाना है। जिलाध्यक्ष पद के लिए किसी भी कार्यकर्ता का पार्टी का सक्रिय सदस्य होना जरूरी है। गुरुवार को गांधी संकल्प यात्रा के समापन के साथ ही चुनाव के लेकर रस्साकशी और तेज होने की उम्मीद है। दावेदारों की दौड़ में कई पूर्व जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी भी शामिल है।
आजमगढ़ सीट से ये हैं संभावित दावेदार
आजमगढ़ सीट से जिलाध्यक्ष पद के लिए कई लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से वर्तमान जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, रामपाल सिंह, घनश्याम पटेल, दुर्ग विजय यादव, ध्रुव सिंह, सतेंद्र राय, पंकज सिंह कौशिक, राकेश सिंह का भी नाम लिया जा रहा है। पीपी राय के खेमे से बृजेश यादव का नाम भी लिया जा रहा है। इन सबके बीच सदर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके अखिलेश मिश्रा का नाम भी आ रहा है।
लालगंज में भी दावेदारों की लाइन
लालगंज लोकसभा सीट से भी दावेदारों की लाइन कम नहीं हैं। यहां से ऋषिकांत राय, चंदू सरोज, रामनयन सिंह, नागेंद्र सिंह, फूलचंद भारती और ध्रुव सिंह का भी नाम लिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो चुनाव के बाद रिजल्ट सीधे हाईकमान के पास जाना है। वहीं से अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जानी है। पहले चुनाव के लिए 13 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई थी। हालांकि इसके बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
एक फारवर्ड और एक बैकवर्ड पर खेला जा सकता है दांव
पार्टी के भीतर इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि एक जिलाध्यक्ष फारवर्ड और एक पिछड़ी जाति से हो सकता है। ऐसा कर पार्टी संतुलन भी साधना चाहती है। हालांकि आजमगढ़ से पिछड़ी और लालगंज से अगड़ी जाति के जिलाध्यक्ष के भी संकेत हैं, लेकिन पार्टी के लोग इसे नकार इसका उल्टा होने की भी बात कह रहे हैं। कहा जा रहा है कि लालगंज में पिछड़ों की संख्या ज्यादा है। इससे यहां पिछड़ी जाति का जिलाध्यक्ष हो सकता है। फिलहाल आने वाले कुछ दिनों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
मंडल अध्यक्षों की चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सूची हाईकमान को भेज दी गई है। पहले 13 नवंबर को चुनाव की तिथि घोषित थी। कुछ जनपदों में उपचुनाव होने के कारण डेट आगे भी बढ़ सकती है। भाजपा में चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार होता है। - सहजानंद राय, क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा