आजमगढ़। दैवीय आपदा पर सरकार की तरफ से मिलने वाली क्षतिपूर्ति के लिए अब सिर्फ ऋणी किसान ही फसल का बीमा करा सकते हैं। 10 अगस्त तक जनपद में 18900 किसानों ने धान की फसल का बीमा कराया है।
किसी दैवीय आपदा पर फसल के नुकसान पर किसानों को सरकार की तरफ से क्षतिपूर्ति दी जाती है। इसका लाभ लेने के लिए किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पहले बीमा कराना पड़ता है। इसमें ऋणी और बिना कर्ज वाले किसानों का बीमा होता है। ऋणी किसान वे हैं, जिनका बैंक से केसीसी बना होता है। बिना कर्ज वाले किसान वे होते हैं, जिनका केसीसी नहीं होता और वह जनसेवा केंद्रों से फसल का बीमा कराते हैं। 10 अगस्त तक दोनों प्रकार के किसानों को फसल बीमा कराने का समय था। इस अवधि तक जिले में 18900 किसानों ने बीमा कराया। जबकि पिछली बार 14752 किसानों ने फसल बीमा कराया था। फसल बीमा के लिए शासन की तरफ से एक बार फिर समय बढ़ाकर 25 अगस्त की गई है, लेकिन अब सिर्फ ऋणी किसान ही फसल बीमा करा पाएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला समन्वयक साहित यादव ने कहा कि फसल बीमा कराने की तिथि 25 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। सिर्फ ऋणी किसान ही बीमा करा सकते हैं।