अब प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को खून के लिए दोगुनी कीमत देनी होगी। जो ब्लड 460 रुपये प्रति यूनिट मिलता था उसके लिए अब 1050 रुपये भुगतान करना होगा। यही नहीं कुछ अतिरिक्त जांच होने पर इसकी कीमत और बढ़ जाएगी। सरकारी अस्पताल के लिए शुल्क यथावत रखा गया है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए शासनादेश जारी कर दिया है।
बताते चलें कि अब तक मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती हो या प्राइवेट अस्पताल में उसे ब्लड बैंक से खून प्राप्त करने के लिए 400 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज और 60 रुपये ग्रुप आदि की जांच को लेकर 460 रुपये भुगतान करना पड़ता था। लेकिन हाल ही में सचिव उत्तर प्रदेश शासन डा. हेकाली झिमोमी ने एक निर्देश जारी किया है जिसमें प्राइवेट के लिए अलग शुल्क निर्धारित किया गया है जबकि सरकारी शुल्क यथावत है। कुछ मामलों में अगर विशेष जांच होती है तो शुल्क और बढ़ जाएगा। 19 अक्टूबर को जारी शासनादेश के मुताबिक अब यदि कोई मरीज प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होता है तो उसे ब्लड बैंक से रक्त लेने करने के लिए प्रोसेसिंग चार्ज 400 की जगह 1050 रुपये देना होगा। यदि एलाइजा, नैट, केमूल्यूसेंस आदि जांच की जाती है तो कीमत और बढ़ जाएगी।
केमूल्यूसेंस जांच का शुल्क 500, नैट जांच का शुल्क 1200 और एलाइजा जांच का शुल्क 50 से 250 रुपये निर्धारित किया गया है। जिला ब्लड बैंक प्रभारी डा. विनय सिंह यादव ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हो चुका है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. बीराम के निर्देश पर यह लागू भी हो चुका है।