आजमगढ़। माध्यमिक विद्यालयों की वेबसाइट बनाने और विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनाने में आजमगढ़ जिला फिसड्डी हो गया। बोर्ड की सख्ती के बाद डीआईओएस ने लापरवाही बरतने वाले 200 विद्यालयों को मान्यता प्रत्याहरण (रद्द करने) की नोटिस दी है। वहीं 20 वित्तपोषित (एडेड) विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द अपने विद्यालय की वेबसाइट बनाए और विद्यार्थियों के ई-मेल बनाए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जनपद के सभी विद्यालयों की वेबसाइट बनाने और विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनाने संबंधी निर्देश दिए हैं। यह काम 30 मई तक पूरा होना था, लेकिन अब तक जिले के 50 फीसदी स्कूलों की वेबसाइट नहीं बन पाई है। छात्रों की ई-मेल आईडी बनवाने में भी स्कूल फिसड्डी हैं। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने डीआईओएस को जल्द से जल्द ब्योरा भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समय से सूचना न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। विभाग की 100 दिन की कार्ययोजना के तहत यह कवायद हो रही है। डीआईओएस ने बताया कि वेबपेज व ई-मेल बनवाने में जिला काफी पीछे है। इसमे सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों की संसाधन मैपिंग के लिए भी डीआईओएस को निर्देश दिए थे, लेकिन ये कार्य भी अभी निर्धारित समय में पूरा नहीं हुआ। जिले के 50 फीसदी विद्यालयों का ब्योरा नहीं दिया गया।
माध्यमिक से संचालित विद्यालयों पर एक नजर
कुल विद्यालयों की संख्या - 764
वित्त पोषित विद्यालय - 97
राजकीय विद्यालय - 23
वित्त विहीन विद्यालय - 644
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पीके उपाध्याय ने बताया कि बोर्ड का निर्देश है कि स्कूल संचालक विद्यालय की वेबसाइट और बच्चों के ई-मेल बनवाकर पूरी सूचना बोर्ड को भेजें। इसके लिए 30 मई तक का समय भी दिया गया था लेकिन स्कूल संचालक इसे लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। लापरवाही बरतने पर 200 वित्त विहीन विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण की नोटिस भेजी गई है। वहीं 20 वित्त पोषित (एडेड) विद्यालयों का वेतन रोक दिया गया है। यदि समय से सूचना नहीं देंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।