रानी की सराय। बदन झुलसाती धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। लगातार बढ़ रहे तापमान से लोग बेहाल हैं। दोपहर बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। शाम छह बजे के बाद ही बाजारों में रौनक लौट रही है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही गर्मी अपना कहर बरपाना शुरू कर दे रही है, जरे शाम तक रहता है। इस समय गर्मी से बचाव के उपाय भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। भीषण गर्मी से लोग घरों में कैद होने को मजबूर है। इसका नतीजा यह है कि दोपहर में बारह बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। बदन झुलसाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने घरों से निकलना दुश्वार कर दिया। अगर कोई किसी काम से अपने घरों से बाहर निकल रहा है तो अपनी पूरी शरीर को ढक कर ही निकल रहा है। महिलाएं चेहरे पर दुपट्टा लपेटने के बाद भी घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। पुरुष भी गमछा, टोपी, चश्मा के सहारे धूप से बचाव करते नजर आ रहे हैं। भीषण गर्मी का नतीजा यह है कि बाजारों में दिन भर सन्नाटा पसरा छाया रहता है। डॉ. राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ रहे तापमान से बचना बहुत जरूरी है। अगर कोई काम हो तभी घर से बाहर निकले। यदि बाहर निकल रहे हैं, तो कुछ जरूरी उपाय जरूर करें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनकर निकलें। लू से बचने को सिर-चेहरा ढककर चलें। पानी पीने के बाद ही घर से निकलें। एसी, कूलर रूम से निकलने के बाद सीधे धूप में न जाएं। धूप से आकर तुरंत पानी कोल्ड ड्रिंक न पिएं।