आजमगढ़। कोरोना के अधिकांश मरीज होम आइसोलेशन में थे। स्वास्थ्य महकमा उनके इलाज की अवधि पूरी होने के बाद बिना किसी पड़ताल के उन्हें स्वस्थ घोषित करता रहा। उसमें किसकी मौत हो गई, इसका पता लगाने की जरूरत नहीं समझी गई। होम आइसोलेशन ही नहीं जिले के चार निजी अस्पतालों में कोविड से हुई मौतों का विवरण भी स्वास्थ्य महकमे के पास नहीं है। एक निजी अस्पताल ने ही अपने यहां का विवरण जारी किया है।
कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने पर सरकारी अस्पतालों के बेड भर गए तो चार निजी अस्पतालों को कोविड के इलाज की अनुमति दी गई। लाइफ लाइन, रामा मेडिकल, सहज अस्पताल में सौ-सौ बेड और वेदांता में 25 बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया था। अब इन अस्पतालों पर कोविड का कोई मरीज नहीं है। एहतियातन स्वास्थ्य महकमा ने इनमें 10-10 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखे हैं। डेढ़ महीने तक इन प्राइवेट अस्पतालों पर कोविड मरीजों को भर्ती किया गया है। मगर स्वास्थ्य विभाग को यह पता नहीं है कि इनमें कितने लोगों का इलाज किया गया, कितने स्वस्थ हुए और कितने मरीजों की मौत हो गई। इनमें से लाइफ लाइन अस्पताल के डॉ. अनूप ने अपने अस्पताल का विवरण सोशल मीडिया पर जारी किया है। उनका कहना है कि 50 दिनों में 172 मरीज भर्ती किए गए। उसमें 152 स्वस्थ हो गए और 20 कोविड मरीजों की मौत हो गई।
सभी अधिग्रहीत कोविड अस्पतालों पर अब 10-10 बेड ही आरक्षित हैं। शेष बेड अस्पताल संचालकों को अपने मरीज भर्ती करने के लिए दे दिया गया है। सभी अस्पतालों से इस दौरान हुए कोविड मरीजों के इलाज का विवरण देने को कहा गया है। अस्पतालों से जानकारी मिलते ही सारा विवरण सार्वजनिक कर दिया जाएगा।-डा. एके मिश्रा, सीएमओ