आजमगढ़। शहर में जमीन नहीं मिलने से 75 करोड़ की पेयजल परियोजना का फाइनल डीपीआर नहीं बन पा रहा है। एक साल बाद भी राजस्व विभाग जल निगम को 18 नलकूपों और एक ओवरहेड टैंक के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा पाया है।
समय के साथ शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। जगह- जगह नए भवन भी बन रहे हैं, लेकिन नगर पालिका की 25 वार्डों में पानी आपूर्ति की जो व्यवस्था वह काफी पुरानी है। इसके कारण सभी घरों में नल से जल नहीं पहुंचता है। शहर में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत बनाने और शत प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए 75 करोड़ के सीटी वाटर एक्शन प्लान (सीडब्ल्यूएपी) पर काम होना है।
इसके लिए जल निगम नगरीय को फाइनल डीपीआर बनाकर शासन को भेजना है। इसके लिए शहर में 18 स्थानों पर नलकूप और एक स्थान पर ओवरहेड टैंक बनाने की योजना है। जमीन मिलने के बाद जल निगम नगरीय नलकूपों, ओवरहेड टैंक की स्थापना और पाइप लाइन बिछाने के लिए फाइनल डीपीआर बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजेगा। नलकूपों और ओवरहेड टैंक के लिए जल निगम ने राजस्व विभाग और नगर पालिका से जमीन की मांग एक साल पहले ही किया था, लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। इससे इतनी बड़ी योजना संशय बना हुआ है।
विवादित तो कोई दूसरे की निकली जमीन
नलकूपों और ओवरहेड टैंक के लिए नगर पालिका ने शहरी क्षेत्र में जमीन चिह्नित कर सूची जल निगम को उपलब्ध कराई थी। जल निगम के अधिशासी अभियंता जियाउल हक ने बताया कि टीम ने जब क्षेत्रीय लेखपाल के साथ जमीन का सत्यापन किया तो कोई जमीन विवादित तो कोई दूसरे की निकली। इसके कारण डीपीआर नहीं बन पाया।
18 नलकूपों और एक ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए राजस्व विभाग से सरकारी जमीन की मांग की गई है लेकिन किसी भी क्षेत्र में अभी जमीन नहीं मिल पाई। इसके कारण फाइनल डीपीआर तैयार नहीं हो पा रहा है। - जियाउल हक, अधिशासी अभियंता जल निगम।
नलकूप और ओवरहेड टैंक के लिए शहर में जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन जहां पर चाहिए वहां मिली नहीं है। जैसे ही जमीन मिलेगी जल निगम को उपलब्ध करा दी जाएगी। - नरेंद्र कुमार गंगवार, एसडीएम सदर