प्रदेश में होम्योपैथी के विकास में धन की कोई कमी नहीं होगी। राज्य सरकार सरल, सुलभ एवं कम खर्च वाली होम्योपैथी विधा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
ये बातें सूबे के कारागार मंत्री बलराम यादव ने कही। वे रविवार को राहुल प्रेक्षागृह में होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन आजमगढ़ द्वारा आयोजित डा. डीपी रस्तोगी मेमोरियल साइंटिफिक सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि होम्योपैथी के विकास के लिए सरकार हर तरह से मदद करेगी। होम्योपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ के भवन आदि के विस्तार के लिए जो भी सुविधाएं आवश्यक हैं, उसके प्रस्ताव पर मैं खुद सरकार से अमल कराऊंगा।
निदेशक होम्योपैथी डा. विक्रमा प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार होम्योपैथी के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चिकित्साधिकारियों को एसीपी तथा शिक्षकों को प्रोन्नति शीघ्र दी जाएगी।
केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के वरिष्ठ सदस्य डा. अनिरुद्ध वर्मा ने कहा कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए होम्योपैथिक कालेजों में शिक्षकों की कमी दूर करना आवश्यक है।
डा. भक्तवत्सल ने कहा कि आजमगढ़ होम्योपैथिक का गढ़ है। यहां पर होम्योपैथी के विकास की योजनाओं को लागू करने की जरूरत है।
कार्यक्र्रम का शुभारंभ कारागार मंत्री बलराम यादव ने डा. हैनीमन के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि ने डा. बीडी पटेल को डा. एसके दूबे मेमोरियल अवार्ड तथा कलकत्ता के डा. एलएम खान को डा.डीपी रस्तोगी मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया।
इस दौरान प्रकाशित स्मारिका का भी विमोचन किया। इस मौके पर डा. सुभाष चंद्रा, डा. राजेश तिवारी, डा.मनोज मिश्रा, डा.धर्मराज सिंह, डा.नवीन दुबे, डा.एसके राय, डा.बीपांडेय आदि उपस्थित थे।