आजमगढ़/सगड़ी। किसान संगठनों की ओर से कृषि कानूनों के विरोध में 26 मार्च को किए गए बंद का आह्वान का जनपद में कोई असर नहीं दिखा। वहीं, संयुक्त किसान ने नरौली स्टैंड से जिला मुख्यालय तक मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। सगड़ी के मालटारी में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की गई।
संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने नरौली प्राइवेट बस स्टैंड से जिला मुख्यालय तक मार्च मार्च निकाला। इस दौरान तीनों कृषि कानून वापस लेने, एमएसपी की कानूनी गारंटी करने, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 रद्द करने, निजीकरण पर रोक लगाने आदि नारे लगाए गए। मार्च कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया। मार्च के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सात सूत्री मांग पत्र मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। वक्ताओं ने कहा चार महीने से आंदोलन चल रहा है। तीन सौ से ऊपर किसान मर गए, लेकिन मोदी सरकार शांत है। किसानों ने भी यह तय कर लिया है कि जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेगी किसान आंदोलन चलता रहेगा। देश में मोदी के कंपनी राज को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा। मार्च का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड जयप्रकाश नरायन ने किया। विनोद सिंह, वेद प्रकाश उपाध्याय, रामानंद यादव, रविन्द्र राय, राहुल, जियालाल, बसंत, रामजीत, रामायन, फूलचन्द, तेजबहादुर, सुदर्शन राम, मंगल यादव, सुखीराम थे। वहीं. सगड़ी तहसील क्षेत्र के मालटारी बाजार में शुक्रवार को तीनों कृषि कानूनों के विरोध में अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष कमला राय के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया। कमला राय ने कहा कि अगर सरकार किसान विरोधी तीनों कृषि कानून को वापस नहीं लेती है तो हम लोग बृहद आंदोलन करेंगे। रामदरश राय, अशोक राय, सुभाष, लखेंद्र चौरसिया, कैलाश यादव, अनिल, विनोद कुमार, हरिहर, प्रमोद मिश्र, नरेश आदि लोग मौजूद थे।