मजदूरों को भेजा रैन बसेरा
कुछ मजदूर भी इधर-उधर सो रहे थे। अधिकारियों ने कुछ यात्रियों को जगा कर जमीन पर सोने की वजह पूछी तो बताया गया कि उनको कुछ नहीं बताया गया है कि कहां पर रैन बसेरा है। अधिकारियों ने इसके बाद कई वर्षों से बंद पड़े शॉपिंग मॉल की तरफ रुख किया। वह भी बंद था। जिस पर अधिकारियों ने आरएम से संपर्क कर परिसर में बने शॉपिंग मॉल को खोलने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने परिसर में अन्य व्यवस्था का भी जायजा लिया। वहीं, जमीन पर चादर बिछा कर सो रहे एक मजदूर को अधिकारियों ने रैन बसेरे में भिजवाया। जहां पर बिस्तर पर व्यवस्था की गई थी। वहीं, उसको कंबल देने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों की टीम जिला महिला चिकित्सालय के रैन बसेरे पर पहुंचकर वहां का जायजा ली।
रैन बसेरे में कर्मचारी बगल में कमरा बंद करके सो गया था, जिसको उठाकर व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। यह भी निर्देश दिया कि यहां पर पूरी व्यवस्था चाहिए। एक व्यक्ति लगातार यहां पर मॉनिटरिंग करता रहे। इसके बाद अधिकारियों की टीम मंडलीय जिला चिकित्सालय पर पहुंची। जहां पर रैन बसेरे की स्थिति को लेकर सीएमओ तथा एसआईसी को निर्देश दिए गए।
प्रभारी जिलाधिकारी व सीडीओ परीक्षित खटाना ने बताया कि शासन के निर्देश पर बढ़ती ठंड को देखते हुए रात में रैन बसेरे की व्यवस्था को चुस्त बनाए रखने को लेकर यह निरीक्षण किया गया है। जरूरतमंदों को कंबल दिया गया है। हालांकि, वृहद स्तर पर भी कंबल का वितरण बाद में होगा।