आजमगढ़। वाराणसी से लुंबिनी तक बनने वाले एनएच-233 में लालगंज से आजमगड़ तक कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट के धीमे कार्य को डीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण से की है। प्रमुख सचिव ने एनएचएआई के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर एसपी सिंह को तलब किया है।
एनएच-233 के जनपद में बन रहे हिस्से के निर्माण की जिम्मेदारी दो कंपनियों को मिली थी। इसमें दिलीप बिल्डकॉन ने अपने हिस्से के निर्माण को पूरा करने के साथ ही लोहरा में टोल प्लाजा भी शुरू कर दिया है। जबकि स्थानीय इस बात का विरोध कर रहे हैं कि हाईवे का निर्माण अभी अधूरा है तो टोल टैक्स क्यों लिया जा रहा है। वहीं आजमगढ़ से कंजहित बाजार तक कई स्थानों पर दूसरी कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट का कार्य अधूरा है। इस बारे में कंपनी से पूछे जाने पर जिला प्रशासन पर आरोप मढ़ देता है कि प्रशासन ने जमीन नहीं खाली कराया है। वहीं, वर्ष 2017 में हुए अनुबंध के अनुसार हाईवे की निर्माण पूरा होने तक संबंधित बाजारों की सड़कों की मरम्मत का कार्य भी कार्यदायी संस्था को देखना था। आजमगढ़ से कंजहित बाजार के बीच कोटिला, बिंद्रा बाजार, मोहम्मदपुर, गोसाईं की बजार, लालगंज, देवगांव आदि काफी पुराने बाजार है। इन बाजारों की सड़कें खस्ताहाल है और संबंधित संस्था इसकी मरम्मत नहीं करा रहा है। इन शिकायतों के बीच डीएम ने चार-पांच बार स्वयं इसका निरीक्षण किया जिसमें शिकायत सही पाई गई। उन्होंने मामले की शिकायत शुक्रवार को प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी एवं जनपद के नोडल अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण से की। नोडल अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते पीडब्ल्यूडी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर एसपी सिंह को तलब किया है।
चौड़ीकरण के लिए जल्द मिलेगी धनराशि
आजमगढ़-रानी की सराय मार्ग के चौड़ीकरण में भी धनराशि की कमी बाधा बन रही थी। ये मुद्दा भी डीएम ने प्रमुख सचिव के समक्ष उठाया। लगभग 20 करोड़ की अवशेष धनराशि भी जल्द उपलब्ध होने का भरोसा दिया गया है।