आजमगढ़। बेसिक स्कूलों में नए शिक्षा सत्र का एक माह बीत जाने के बावजूद नौनिहाल किताबों से दूर है। किताबें न मिलने घर पर भी उनकी पढ़ाई नहीं हो पा रही है और स्कूल तो बंद हैं हीं। किताबों का वितरण जल्द होता नजर भी नहीं आ रहा है। शासन से अभी तक किताबों की खरीद के आदेश देने की अनुमति तक नहीं मिली है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर पब्लिक स्कूलों को टक्कर देने की तो बात कहते हैं, लेकिन हालात ऐसे है कि नया शिक्षा सत्र शुरु होने के बाद भी अभी तक नौनिहालों के बस्तों में किताब नहीं है। जबकि पब्लिक स्कूलों में बच्चे नया कोर्स ले चुके हैं और उनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरु हो गई है। बेसिक स्कूल बंद है और नौनिहाल अपने घरों पर है। अभी तक बेसिक स्कूलों के बच्चों को किताबें नहीं मिली है। नई किताब न मिलने से बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। अब ऑनलाइन पढ़ाई का प्रयास हो रहा है लेकिन बिना किताबों के बच्चे कैसे पढे़ंगे। यूं तो विभाग बच्चों को लगातार मिड डे मील का पैसा और अनाज दे रहा हैं लेकिन किताब न मिलने से शिक्षा व्यवस्था मजाक बन गई है।